Sunday, March 2, 2014

ग्लोबलवार्मिंग की खेती हो रही शिकार-

इण्डियन कौंसिल फार एग्रीकल्चर के शोधों में सिद्ध किया गया है कि यदि तापमान में एक डिग्री भी बढ़त होती है तो चावल की उपज 0.75 टन प्रति हेक्टेयर कम हो जायेगी। बढ़ते तापमान के दुष्प्रभाव में चावल और गेंहूँ में प्रोटीन 10 प्रतिशत कम हो रहा है। जैसी गर्मी बढ़ रही है यदि ऐसी ही बढ़त रही तो 2020 तक चावल की पैदावार 6.7 प्रतिशत कम हो जायेगी। ु