गोमती संरक्षण अभियान - नदियाँ स्वच्छ रहे यह समाज के जीवन के लिए आवश्यक है। अतः अमृतमई गंगा की स्वच्छता के लिए राष्ट्रव्यापी प्रयत्न चल रहे हैं। गोमती आदि गंगा और लखनऊ की जीवन रेखा है और लोक भारती उŸार प्रदेश का मुख्यालय लखनऊ है, अतः संस्था ने सबसे पहले गोमती संरक्षण के लिए ही कार्य करने का सोचा तथा इस क्षेत्र में कार्य करने वाले अन्य अनेकों लोगों से जानकारी प्राप्त करके ‘‘गोमती संरक्षण अभियान’’ प्रारम्भ किया; क्रमश विवरण प्रस्तुत है।
सर्वप्रथम आवश्यकता थी ऐसे सहयोगियों को खोजने की जो इस अभियान में सहयोगी बन सकें, इस निमिŸा 13 दिसम्बर, 2009 को खाटूश्याम वाटिका गोमती तट पर 100 उत्साही युवकों के साथ ‘‘गोमती स्वच्छता एवं संकल्प’’ कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। स्वच्छता कार्य में स्वयं संलग्न रहकर, सभी को संकल्प का कार्य श्री महेन्द्र मोदी, आई॰जी॰ पुलिस ने करवाया।
इस अभियान में कालेजों व विद्यार्थियों की भी सहभागिता हो इस हेतु 24 जनवरी, 2010 को पुनः खाटूश्याम वाटिका पर ही रामनगर राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डा॰ रघुराज सिंह व अन्य शिक्षकों के नेतृत्व में एन॰एस॰एस॰ के 90 छात्रों एवं स्थानीय चार दर्जन कार्यकर्ताओं ने गोमती की स्वच्छता की, उसके तट पर पौधा रोपण कर संकल्प लिया तथा जागरूकता रैली निकाली।
गोमती अभियान में छात्र सहभाग नेे गोमती के व्यापक अध्ययन के लिए प्रेरित किया और फिर गोमती उद्गम स्थल पीलीभीत से गंगा में मिलन स्थल गाजीपुर तक गोमती प्रवाह के सभी जिलों की जानकारी प्राप्त करने एवं कार्य व्यापकता को बढ़ाने हेतु 28 जनवरी, 2010 को समस्त 13 जिलों के कार्यकर्ताओं व स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की सामूहिक बैठक का आयोजन लोक भारती कार्यालय पर किया गया। बैठक में चयनित 25 प्रतिनिधियों नें भाग लिया, विचार विमर्श किया तथा 15 मार्च, 2010 को चैत्रकृष्ण अमावस्या के दिन सम्पूर्ण गोमती प्रवाह क्षेत्र में ‘‘गोमती दिवस’ आयोजित करने का निश्चय किया।
लखनऊ नगर में गोमती दिवस की पूर्व संध्या पर 14 मार्च, 2010 को ही खाटूश्याम वाटिका, गोमती तट पर एक बड़ा आयोजन किया गया, जिसमें मैगसेसे पुरस्कृत राजेन्द्र सिंह, क्षे़़त्रीय सांसद लालजी टण्डन, शिया धमगुरू कल्बे सादिक, आई॰जी॰ शैलजाकान्त, आई॰जी॰ महेन्द्र मोदी ,पर्यावरणविद राधाकृष्ण दुबे, गायत्री परिवार युवा शाखा प्रमुख अनिल श्रीवास्तव, खाटूश्याम परिवार संरक्षक राधेमोहन अग्रवाल, महन्त रामसेवक दास सहित सैकड़ंों गोमती प्रेमी नागरिकों ने गोमती संरक्षण का संकल्प दुहराया तथा दीपदान किया गया।ं
गोमती दिवस - चैत्रकृष्ण अमावस्या (सोमवती) दिनांक 15 मार्च, 2010 को गोमती उद्गम स्थल माधौटाण्डा, पीलीभीत से लेकर समस्त प्रवाह क्षेत्र के जिलों सहित गंगा मिलन स्थल कैथीघाट/मार्कण्डेश्वर आश्रम, गाजीपुर तक प्रमुख 13 स्थानों स गोमतताल माधौटाण्डा, पीलीभीत, स सोनासिर नाथ बण्डा, स पन्नाघाट जेवां, शाहजहांपुर, स टेढ़ेनाथ, स अजबापुर, स मढि़याघाट लखीमपुर, स नैमिषारण्य सीतापुर, स खाटूश्याम वाटिका, लखनऊ, स गंगागंज, हैदरगढ, स सीताकुण्ड, स धोपाप, लम्भुआ, सुल्तानपुर, स ढ़कवा, प्रतापगढ़, स हनुमान घाट, जौनपुर, स धौरहरा गांव, चैबेपुर क्षेत्र, वाराणसी पर ‘‘गोमती दिवस’’ के कार्यक्रम सम्पन्न हुए, जिनमें लगभग 5500 प्रतिनिधि कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही।
इसके पश्चात् अपै्रल माह में आगामी तैयारी एवं शासन, पर्यावरण विभाग, संबन्धित नगर पालिकाएँ एवं अन्य संबन्धित पक्षों से पत्राचार तथा गोमती पर्यावरण निवारण हेतु स्थापित हो रही परियोजनाओं की जानकारी संग्रह का कार्य हुआ। परिणामतः उत्तर प्रदेश शासन ने गोमती स्वच्छता संबन्धित जानकारी युक्त एक पूरे पृष्ठ का विज्ञापन छापकर सरकार द्वारा इस दिशा में किये जा रहे कार्य की जानकारी देने का प्रयत्न किया।
कार्य को आगे बढ़ाने हेतु 3 मई, 2010 को कार्ययोजना बैठक का आयोजन किया गया जिसमें आगे की योजना बनी जिसके अनुसार 9 मई, 2010 को लखनऊ जिले में चन्द्रिका देवी गोमती तट पर अनिल सिंह, 12 मई, 2010 नैमिष सम्बन्धी जागरूकता हेतु सीतापुर नगर गोमती तट पर रामाधर शुक्ल एवं सोमदीक्षित, 13 मई, 2010 प्रातः गोमती उद्गम स्थल, माधौटाण्डा तथा सांय काल सीतापुर में प्यारेलाल पाल द्वारा जिला केन्द्र के लोगों को इस अभियान में सक्रियता पूर्वक जोड़ने हेतु बैठकों के आयोजन सम्पन्न हुए, जिनमें प्रमुख समाजसेवी अशोक बेरी भी उपस्थित रहे। इन बैठकों में 5 जून, 2010 विश्व पर्यावरण दिवस को केन्द्रित कर ‘‘जल, नदी एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान’ प्रारम्भ करने का निश्चय किया गया।
जल, नदी एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान - नदियों में गंगा का विशेष महत्व है अतः गंगा की स्वच्छता के लिए विशेष प्रयत्न भी चल रहे हैं। लेकिन यह भी सत्य है कि यदि गंगा को स्वच्छ रखना है तो गंगा में मिलने वाली समस्त नदियों को भी स्वच्छ रखना होगा। उन नदियों को स्वच्छ व पर्यावरण युक्त रखने के लिए समस्त नदियों पर स्थानीय लोगों के द्वारा नदी स्वच्छता, जल प्रबन्धन तथा वृक्षारोपण जैसे कार्य भी करने होंगे और इसी विचार के साथ यह दूसरा चरण प्रारम्भ हुआ।
5 जून विश्व पर्यावरण दिवस पर गोमती उद्गम स्थल, गोमतताल, माधौटाण्डा पर क्षेत्र के लोगों का एक दिवसीय स्वच्छता अभियान एवं भण्डारे का आयोजन प्रमख कार्यकर्ता तपनडे द्वारा किया गया, जिसमें स्थानीय प्रघान रामौतार, पूर्व ब्लाक प्रमुख नवीन सिंह तथा निर्भय सिंह सहित समस्त स्थानीय कार्यकर्ताओं ने भरपूर सहयोग किया।
5 जून, 2010 को ही चन्द्रिका देवी (कठवारा गांव) में गोमती के तटवर्ती क्षेत्र में वृक्षारोपण स्थानीय टीम द्वारा किया गया, जिसमें लोक भारती के प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ युग निर्माण योजना के प्रमुख कार्यकर्ता अनिल श्रीवास्तव की सक्रिय भूमिका रही।
4 जुलाई, 2010 को रामेश्वरदास आश्रम, गोमती तट पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ वृक्षारोपण हुआ और इसी अवसर पर दूरदर्शन टीम द्वारा पर्यावरण सरंक्षण के संबन्ध में लोक भारती के कार्य की रिकार्डिग की गई, जिसका 4 अगस्त, 2010 को सायं 5.30 बजे सायंकाल दूरदर्शन पर प्रसार किया गया।
11 जुलाई, 2010 को जानकीपुरम के दो पार्कों में कौशल किशोर पाठक के नेतृत्व में स्थानीय टीम द्वारा वृक्षारोपण किया गया, जिसमें पेड़ों के लिए समर्पित मनीष तिवारी (वृक्षदेव), लोक भारती के संगठन सचिव ब्रजेन्द्र पाल सिंह एवं स्थानीय परिवारों के 50 सदस्यों की सहभागिता रही।
18 जुलाई, 2010 को जल निगम के अधिकारियों के साथ जे॰एम॰ गुप्ता व लोक भारती की टीम द्वारा गोमती संरक्षण हेतु बन रहे एस॰टी॰पी॰ प्लांट का स्थल निरीक्षण किया गया।
22 जूलाई, 2010 को गोमती समन्वय बैठक हुई जिसमें निर्णय लिया गया कि- गुरूपूर्णिमा (25 जूलाई) से हरियाली तीज (12 अगस्त) तक हरियाली पखवारा मनाया जायेगा। इस बैठक में केन्द्रीय अधिकारी कुलकर्णी जी एवं सहयोगियों के अतिरिक्त नदी, जल एवं पर्यावरण, पर कार्य करने वाले 50 प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
25 जुलाई, 2010 गुरूपूर्णिमा पर्व के अवसर पर रामेश्वरदास आश्रम, गोमती तट पर हरियाली पखवारा का वृ़क्षारोपण द्वारा उद्घाटन एवं भण्डारे का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में आई॰जी॰ श्री महेन्द्र मोदी सहित लगभग 150 प्रमुख नागरिक उपस्थित रहे।
26 जुलाई, 2010 को गोमती के प्रति लगाव हेतु पी॰जी॰आई॰ क्षेत्र के सरस्वती शिशु मन्दिर मे छात्रों व प्रमुख नागरिको द्वारा वृक्षारोपण किया गया।
31 जुलाई, 2010 सायंकाल लोक भारती अध्ययन दल नैमिष तीर्थ क्षेत्र गया। 1 अगस्त, 2010 10 प्रातः पण्डा/तीर्थपुरोहित वर्ग की बैठक संपन्न हुई तथा प्रतिनिधि मण्डल एवं स्थानीय प्रबुद्ध नागरिको व धर्माचार्यो के साथ सभा सम्पन्न हुई, जिसमें डा॰ रघुराज सिंह, सुधाकर सिंह, पूर्व आईएएस, स्वामीनारदानन्द आश्रम के सहपीठाधीश्वर डा॰ केशव आचार्य सहित स्थानीय 50 प्रतिनिधि उपस्थित रहे।





