Wednesday, March 26, 2014

एक दृष्टि में - लोक भारती उत्तर प्रदेश की वर्तमान गतिविधियां

लोक भारती उत्तर प्रदेश अपने प्रारम्भिक काल से ही शिक्षा, समाज सेवा, ग्राम विकास, स्वास्थ्य, रसायन मुक्त खेती, सामाजिक जागरूकता तथा शिक्षण एवं प्रशिक्षण के कार्य प्रभावी एवं परिणामकारी ढ़ंग से सम्पन्न करती रही है। क्रमशः कार्य के नये आयाम पर्यावरण, वृक्षारोपण, गंगा, गोमती एवं नदी संरक्षण, मेरा गाँव-मेरा तीर्थ एवं जीरो बजट प्राकृतिक कृषि आदि विषय जुड़ते गये, जिनका संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत है।
1. जीरो बजट प्राकृतिक खेती - लोक भारती उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्षों में जीरो बजट प्राकृतिक कृषि विधा को समझा और अनेक सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर उसके विस्तार हेतु प्रशिक्षण वर्गों के आयोजन सम्पन्न हुए, जिनमें उत्तर प्रदेश सहित राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखण्ड, हिमांचल, मध्य प्रदेश, बिहार एवं बंगाल के लगभग तीन हजार प्रयोगधर्मी कृषकों एवं स्वयंसेवी संगठनों की सहभागिता रही। वर्गों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत है:
  • 11 से 14 मार्च, 2012 दीनदयाल धाम फरह, मथुरा। सहयोगी संस्था - दीनदयालधाम, मथुरा।
  • 27 से 31 मई, 2012 भानी देवी गोयल इण्टर कालेज, झांसी।
  • 17-18 अक्टूबर, 2012 सहभागी केन्द्र, लखनऊ। सहयोगी संस्था - अखिल भारतीय समाज सेवा संस्थान, चित्रकूट।
  • 20 से 22 अक्टूबर, 2012 छेरत, अलीगढ़। सहयोगी संस्था - यूथफार नेशन।
  • 24 से 28 जनवरी, 2013 गायत्री शक्तिपीठ, कायमगंज। सहयोगी संस्था - गायत्री परिवार।
  • 12 से 15 फरवरी, 2013 गौरी बाजार, देवरिया। सहयोगी संस्था - समाजवादी जन परिषद।
  • 14 से 18 अप्रैल, 2013, पीलीभीत। सहयोगी संस्था - बजाज ग्रुप।
  • 09 से 13 जून, 2013, इंचैली, हमीरपुर/बांदा। सहयोगी संस्था - चैधरी ब्रजराज सिंह ट्रस्ट।
  • आगामी प्रशिक्षण वर्ग -
  • 29 सितम्बर से 3 अक्टूबर, 2013, भायला, सहारनपुर।
  • 11 नवम्बर से 15 नवम्बर, 2013, झांसी/ललितपुर में आयोजित होन बाले प्रशिक्षण वर्ग में  गौशाला प्रमुखों को वरीयता रहेगी।
2. नदी समग्र चिन्तन कार्यशाला - लोक भारती उत्तर प्रदेश का विश्वास हैं, कि यदि गंगा को निर्मल रखना है तो हमें सभी नदियों को स्वच्छ व सजला रखने के लिए कार्य करना होगा। इसी उद्देश्य से 28 अप्रैल, 2013 को नेहरू युवा केन्द्र, लखनऊ में एक दिवसीय ‘‘नदी समग्र चिन्तन कार्यशाला’’ का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश, उत्तरांचल, गुजरात एवं दिल्ली सहित एक दर्जन नदियों के 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में भारत सरकार के जल संसाधन मन्त्रालय के पूर्व सचिव माधव चितले, परमार्थ आश्रम, ऋषीकेश के परमाचार्य स्वामी चिदानन्द ‘मुनि’, गंगा महासभा के महामन्त्री आचार्य जितेन्द्र, लोहिया बौद्धिक महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री दीपक मिश्रा, उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डा॰ दुर्ग सिंह चैहान, जल बिरादरी के प्रमुख कार्यकर्ता श्री अरूण तिवारी, ‘गंगा समग्र’ उत्तराखण्ड प्रमुख श्री प्रेम बड़ाकोटी, सरदार पटेल डेन्टल कालेज के डायरेक्टर श्री अनुराग सिंह व लखनऊ महानगर के महापौर डा॰ दिनेश शर्मा तथा दिल्ली से श्री ललित कपूर, सूरत, गुजरात से इन्जीनियर श्री जी॰एस॰ मनियार, पटना, बिहार से प्रो॰ देवेन्द्र प्रसाद सिंह सहित बड़ी संख्या में पर्यावरणविद्, इन्जीनियर एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की समहत्वपूर्ण भागीदारी रही।
इस चिन्तन कार्यशाला में ही नदियों पर आगामी कार्ययोजना बनी, जिसके अनुसार - (1) 18 जून गंगा दशहरा के अवसर पर नदी, तट एवं घाट स्वच्छता केन्द्रित ‘संकल्प’ कार्यक्रम, (2) 22 जुलाई, गुरूपूर्णिमा से 9 अगस्त, हरियाली तीज तक ‘‘वृक्षारोपण पखवारा’’ (3) सितम्बर से नवम्बर तक कालेज व छात्र आधारित ‘‘जागरूकता, श्रमदान एवं नदी सेवा के कार्यक्रम’’ तथा (4) 17 नवम्बर, कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर ‘‘नदी स्नान एवं देव दीपावली के आयोजन’’ आदि।
गोमती संरक्षण अभियान - पिछले नदी समग्र चिन्तन कार्यशाला में सुनिश्चित कार्यक्रमों के प्रकाश में गोमती संरक्षण हेतु ‘‘गंगा दशहरा’’ केन्द्रित लखनऊ में क्रमशः निरन्तरता में कई कार्यक्रम आयोजित किए गये, जिनकी संक्षिप्त जानकारी इस प्रकार है।
गोमती तट घाट स्वच्छता कार्यक्रम - गंगा दशहरा के अवसर पर गोमती का जल स्नान योग्य हो जाये तथा उसके तट व घाट स्वच्छ हों इस हेतु कुडि़याघाट को चुना गया। इसके क्रियान्वयन हेतु इससे निकट के तीन प्रमुख नाले नगरिया, सरकटा व पाटा के प्रदूषित प्रवाह को रोकने के लिए जल निगम पर दबाव बनाया गया तथा 17 मई को सामाजिक सहभागिता के आधार पर स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें दुर्गा मन्दिर सेवा समिति, शुभ संस्कार समिति के साथ ही बड़ी संख्या में अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित जलपुरूष राजेन्द्र सिंह ने भी भाग लिया, जिससे सामाजिक जाग्रति के साथ ही शासन, प्रशासन में भी इस हेतु कुछ करने का भाव जागा।
गोमती संरक्षण हेतु एक दिवसीय उपवास- गंगा दशहरा तक कम से कम कुडि़याघाट तक गोमती स्वच्छ हो इस हेतु निरन्तर सामाजिक दबाव बनाये रखने हेतु दिनाँक 22 मई, 2013 को गोमती तट शहीद स्मारक पर प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक एक दिवसीय उपवास का आयोजन किया गया। इसमें महन्त रामसेवक दास (गोमती बाबा), मनकामेश्वर पीठ की महन्त देव्यागिरि, स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी डा॰ बैजनाथ सिंह, नवाब जफर मीर अबदुल्ला सहित सिन्धी समाज, व्यापार मण्डल, पटरी दुकानदार संघ, शिक्षक व छात्र संगठनों के 100 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी रही। समापन के अवसर पर जल पुरूष राजेन्द्र सिंह ने नदी नीति बनाने व गोमती को राज्य नदी धोषित किए जाने के सम्बन्ध में मुख्यमन्त्री श्री अखिलेश यादव की सकारात्मकता की जानकारी दी।
सिंचाई विभाग व प्रोजेक्ट कार्पोरेशन का सहयोग -  गोमती के तल में बड़ी मात्रा में सिल्ट जमी है, उसे निकालने के लिए डेªजिंग की आवश्यकता थी, अतः सिंचाई मन्त्री शिवपाल सिंह ने लोक भारती उत्तर प्रदेश के 25 मई के पत्र के का संज्ञान लेकर सिंचाई विभाग को कुडि़याघाट गोमती के 800 मी॰ क्षेत्र हेतु डेªजिंग के लिए निर्देशित किया, जिसके अन्र्तगत 11 जून से  17 जून तक आंशिक रूप से कार्य हुआ, जोे गोमती संरक्षण की दिशा में सांकेतिक पहल भर थी। इस अवसर पर प्रोजेक्ट कार्पोरेशन ने भी एक घाट को स्वच्छ कर स्नान योग्य बनाया। 
सप्ताह में दो दिन नियमित स्वच्छता कार्यक्रम- कुडि़याघाट को गंगा दशहरा हेतु चुना गया था, अतः 22 मई के बाद सप्ताह में दो दिन रविवार व गुरूवार को प्रातः 7 से 9 बजे तक निरन्तर स्वच्छता कार्यक्रम चलाया गया, जिसमें लोक भारती उत्तर प्रदेश के साथ दुर्गा मन्दिर सेवा समिति, शुभ् संस्कार समिति, पर्यावरणविद् कृष्णानन्द राय व डाक्टर नरेन्द्र मेहरोत्रा की विशेष भूमिका रही। 
संकल्प से मना गंगा दशहरा - 16 जून से 18 जून प्रातः तक निरन्तर वर्षा हो रही थी। इसके बाद भी वर्षा की परवाह किए बिना गंगा दशहरा के पावन पर्व 18 जून को प्रातः 6 बजे से ही बड़ी संख्या में गोमती भक्त एकत्र होने लगे। पूर्व निश्चय के अनुसार गोमती घाट स्वच्छता सेवा, गोमती स्नान और गुरूकुल के बटुकों व शिवशान्ति आश्रम के योगाभ्यासियों के साथ शुभसंस्कार समिति द्वारा गोमती आरती, लोक भारती उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष विश्वनाथ खेमका द्वारा गोमती संरक्षण संकल्प व पी॰ए॰सी॰ फ्लड यूनिट के साथ नौका बिहार व जेठ मास के अन्तिम मंगल के प्रसाद के साथ पिछले तीन महीने से चल रहे गोमती संरक्षण अभियान का एक चरण सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर पर्यावरणविद् व भोजपुरी कवि श्री कृष्णानन्द राय ने संकल्प लिया कि लखनऊ होने पर प्रत्येक गुरूवार को कुडि़याघाट पर प्रातः एक घंटा वह नियमित गोमती सेवा करेंगे। उनका संकल्प उनके साथ समाज के अन्य कार्यकर्ताओं को भी प्रेरित करके कुडि़याघाट तक सेवा हेतु ले आता है। 
वृक्षारोपण पखवारा - पूर्व की भांति, गुरू पूर्णिमा 22 जुलाई से हरियाली तीज 9 अगस्त तक पूरे लखनऊ में विभिन्न व्यक्तियों, संगठनों, संस्थाओं को प्रेरित कर पर्यावरण के लिए वृक्षों का महत्व समझने और उसके लिए प्रत्यक्ष कार्य करने के संकल्प को व्यक्त करने हेतु ‘‘वृक्षारोपण पखवारा’’ मनाने का निश्चय किया गया है। इस हेतु दिनाँक 21 जून, दिन रविवार को सायं 3-5 तक वृक्ष एवं पर्यावरण कवि गोष्ठी एवं वृक्ष भण्डारे का आयोजन श्री महेन्द्र प्रताप सिंह, श्री अजय प्रकाश, सुश्री डा॰ अंशु केडिया व एक दर्जन से अधिक संस्थाओं के प्रत्यक्ष सहकार में सुनिश्चित हुआ है , जिससे वृक्षारोपण के साथ ही उनके संरक्षण के भाव वाले वृक्ष मित्र परिवार का विकास सम्भव होगा।