Monday, March 3, 2014

प्रदूषण एवं स्वास्थ्य - डा॰ महेश भार्गव

सन् 1772 में ही लंदन में इंग्लैण्ड के किंग एडवर्ड द्वारा कोयले के जलने से होने वाले धुएँ के कारण इस पर प्रतिबन्ध लगाने हेतु एक आदेश प्रसारित किया गया था। औद्योगिक क्रान्ति ने एक ओर विकास की नयी परिभाषा गढ़ी, वहीं दूसरी ओर बढ़ते कूड़े के ढ़ेरों ने हरीतिमा को ग्रहण लगाना शुरू कर दिया तो उद्योगों में कोयला एवं अन्य ज्वलनशील पदार्थों के प्रयोग से वायु का चैन छिनने लगा। इस गंभीर होती समस्या की ओर अमेरिका नेे सन् 1881 में ध्यान दिया और वायु को शुद्ध रखने के लिए शिकागों एवं सिनसिनाटी में कानून बनाये और वीसवीं शताब्दी तक अन्य शहरों में भी वही प्रकिृया अपनाई जाने लगी। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद प्रदूषण एक लोकचिन्ता का मुद्दा बन चुका था, क्योंकि युद्ध के कारण रेडियोएक्टिविटी बढ़ी और अन्य युद्धोन्मुख प्रयोग बढ़े। सन् 1952 में लन्दन में गहरे काले धुएँ से कमसे कम 8000 लोगों की मौत हो गई, इसी कारण से सन् 1956 में ब्स्म्।छ ।प्त् ।ब्ज् प्रस्ताव पारित हुआ, जो आधुनिक युग का प्रथम पर्यावरण संरक्षण कानून के रूप में स्वीकार किया जाता है। सन् 1950 के मध्य एवं 1870 प्रारम्भ में न्ण्ै ब्वदहतमेे न्ण्ैण् छवपबम ब्वदजतवस ।बजए ब्सममद ।पत ।बजए ब्सममद ॅंजजमत ।बज तथा छंजपवदंस म्दअपतवदउमदजंस च्वसपबल ।बज पारित किये। प्रदूषण, उसके खतरे एवं उसके प्रति चिन्ता और उससे बचाव के कानूनों के पारित होने के क्रम के बीच प्रदूषण त्रासदियों का क्रम भी जारी रहा। हिन्दुस्तान में सन् 1984 में भोपाल गैस त्रासदी जिसने लगभग 20,000 लोगों को किसी न किसी रूप में प्रभावित किया। वायु प्रदूषण बढ़ाने के लिए रसायनों का रिसाव, कार्वन मोनोआक्साइड़, सल्फर डाईआॅक्साइड, क्लोराफ्लयुरो़ कार्बन्स तथा नाइट्रोजन आॅक्साइड़ जिनका अधिकतर उत्सर्जन उद्योगों से होता है, साथ ही मोटर, बसें, फोटो केमिकल परत भी जिसे बातावरण में घोलते रहते हैं, जिम्मेदार हैं। औद्योगिक संयन्त्रों से, बाहनों से, सागर में प्रयुक्त होने वाले खोजी यन्त्रों एवं लाउडस्पीकरों के जोर से बजने से ध्वनि प्रदूषण होता है। धरती के गर्भ में पड़े गैस पाइप का लीक होना, केमिकल्स का धरती में जाना, पेस्टी साइडस का अंधाधुन्ध प्रयोग आदि मृदा (मिट्टी) को प्रदूषित कर ड़ालते हैं। एटामिक फिजिक्स के (ऐटामिक शक्ति, न्युकिलियर पावर आदि) प्रयोग वातावरण में रेडियोएक्टीविटी बढ़ा देते हैं। बड़े-बड़े पावर प्लान्टों को ठण्ढा करने के लिए लगाये गये संयन्त्र एवं बड़े ए.सी. टेम्प्रेचर को परिवर्तित कर ड़ालते हैं, इससे ज्ीमतउंस प्रदूषण बढ़ता है। औद्योगिक रसायनिक कचरा, नाले-नालियों का गंदा पानी आदि के घुलने से जल प्रदूषण होता है। इन सारे प्रदूषणों का प्रभाव सीधे-सीधे मानव क्या सभी जीवित प्राणियों, पेड़-पौधों एवं वातावरण पर पड़ता है और उनका मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। ओजान प्र्रदूषण स्वशनतन्त्र, हृदय एवं गले पर प्रभाव ड़ालता है। सीने में दर्द, हृदय के बल्वों का सिकुड़ना, स्वांस लेने में परेशानी एवं अस्थमा जैसे रोग इसका परिणाम हैं। विकासशील देशों में गंदे पानी की सफाई न होने के कारण उसके साफ पानी में मिल जाने से जो प्रदूषण उत्पन्न होता है उसके कारण प्रतिदिन 14000 लोग मृत्यु के ग्रास बन जाते हैं। एक अध्ययन के अनुसार 7000 करोड़ भारतीयों के लिए समुचित शौचालयों का अभाव है और डायरिया जैसी बीमारियों से प्रतिदिन 1000 बच्चों की मृत्यु हो जाती है। चीन में 500 करोड़ चीनियों को स्वच्छ पेय जल उपलब्ध नहीं है तथा वायु प्रदूषण से 656000 चीनी नागरिक प्रतिवर्ष काल की गोद में समा जाते ह। भारत में प्रति वर्ष 527700 लोग वायु प्रदूषण से बर्वाद होते हैं, वहीं अमेरिका में वायु प्रदूषण के कारण 50000 से अधिक लोग मृत्यु के गाल में समा जाते हैं। तेल रिसाव, त्वचा सम्बन्धी बीमारियों, चकत्ते, एवं दाद खाज के लिए उत्तरदायी हैं। ध्वनि प्रदूषण श्रवण शक्ति कम कर देता है, उच्च रक्तचाप, तनाव बढ़ता है तथा अनिद्रा एवं बच्चों के विकास पर प्रभाव ड़ालता है। वृद्धों तथा हृदय एवं फेफड़े के रोगियों के लिए ध्वनि प्रदूषण खतरे की घंटी है। केमिकल्स, रेडियो एक्टिविटी जन्मजात विकलांगता एवं कैंसर को आमन्त्रण देते हैं। पिछले दो दशकों में भारत में जहां उत्पादन ढ़ाई गुना बढा़ है तो वहीं बाहन आठ गुना बढ़े हैं। विश्वभर में प्रदूषण सें होने वाली 3 करोड़ मौतांे में सर्वाधिक संख्या भारत की है। हमारी राजधानी दिल्ली विश्व के 10 सर्वाधिक प्रदूषित नगरों में शामिल हैं। हम केवल 10 प्रतिशत पानी का ही शोधन कर रहे हैं। पालीथीन के प्रयोग में हम अग्रणी हैं। अतः आज जनजागरूकता की आवश्यकता है, तभी इस समस्या से हम मुक्ति पा सकेंगे; वरना हमारी अगली पीढ़ी को न शुद्ध जल मिलेगा न शुद्ध वायु। ु - हर प्रसाद व्यवहार अध्ययन संस्थान, 41-42, हरदीप एन्क्लेव, सिकंदरा, आगरा ं