Wednesday, March 26, 2014

पेड़ हैं प्रकृति का अमूल्य वरदान। - संकलित

  • क्या आप जानते हैं? कि, एक पेड़ अपने जीवन काल में हमें 32 लाख रूपये का लाभ पहुँचाता है। क्या हमने कभी इस ओर ध्यान दिया है? यदि नहीं तो अब जानें, नही तो बहुत देर हो जायेगी।
  • हमारे जीवन के लिये सबसे आवश्यक है, प्राण वायु अर्थात आक्सीजन। जिसका एक मात्र स्रोत पेड़ है और जो हमे बिना कोई मूल्य चुकाये प्रतिदिन देते रहते है, जिसका मूल्य 8.60 लाख रू॰ होता है।
  • आज सम्पूर्ण विश्व पर्यावरण प्रदूषण से चिन्तित है। इस कार्य में पेड़ों का महत्वपूर्ण योगदान है। पर! उसके लिए धरती के 1/3 भाग पर पेड़ चाहिए। उत्तर प्रदेश में वर्तमान समय में मात्र 7 प्रतिशत भू-भाग पर ही पेड़ हैं, जिसमें से तराई और मिर्जापुर के जंगलों को यदि निकाल दिया जाये तो मात्र चार प्रतिशत वनावरण ही शेष है। एक पेड़ अपने जीवन काल में वायु प्रदूषण रोकने में 10.50 लाख रूपये का योगदान करता है।
  • व्यक्ति के जीवन के खाद्यान्न का अत्यन्त महत्व है, जिसके लिए कृषि भूमि का उपजाऊ बने रहना आवश्यक है। इस कार्य में एक पेड़ का योगदान 8.40 लाख रू॰ आंका गया हैं।
  • मनुष्य के जीवन के साथ प्रकृति के विभिन्न जीव-जन्तुओं, पशु-पक्षियों से गहरा रिश्ता है और इनका बहुत बड़ा आश्रय पेड़-पौधे हैं। इस कार्य में एक पेड़ का योगदान 5.30 लाख रू॰ होता है।
  • मनुष्य के सुख का महत्वपूर्ण आधार है स्वास्थ्य, जिसके लिए हमें पेड़ देते हैं फल, फूल और औषधियाँ, जिनका मूल्य 4.30 लाख रू॰ होता है।
  • इसके अतिरिक्त भी पेड़ पौधों से हमें बहुत कुछ मिलता है। चूल्हा जलाने के लिए उसकी स्वयं सूखी लकडि़यां, दोने, पत्तल एवं कई अन्य उत्पादों के लिए पत्ते। अतः हम कह सकते हैं, कि पेड़ हमारे लिए प्रकृति का अमूल्य वरदान हैं। यदि हमे अपनी रक्षा करनी है तो पेड़ों की रक्षा करना भी हमारी आवश्यकता है।