जी हाँ! लाइव का जमाना है। टेलीविजन चैनलों पर चुनावी चैपालों, धरनों, वोट फार नोट के भण्डाफोडों, दल-दल के नेताओं का गुपचुप मिलन तथा चुनावी सभाओं तक का लाइव प्रसारण हो रहा है। जनता भी अब लाइव हो रही है? इसलिए चुनाव आयोग भी लाइव होने जा रहा है। चुनाव आयोग ने बीएसएनएल को तकनीकी सलाहकार बनाकर, लाइव की कवायद शुरू कर दी है।
पिछले चुनाव में आयोग ने संवेदनशील बूथों पर कैमरे लगा कर वहां होने वाली गतिविधियों की रिकार्डिंग कराई थी, अब इसे और विस्तार देने के लिए प्रत्येक बूथ पर सीसीटीवी कैमरे, डब्ल्यूएलएल टेलीफोन व मोबाइल को इन्टरनेट से जोड़ कर हरबूथ का सीधा प्रसारण शुरू किया जायेगा, जिससे प्रदेश की राजधानी व दिल्ली में बैठे आयोग के अधिकारी सीधा प्रसारण देख सकेंगे तथा क्षेत्रीय पर्यवेक्षक मोबाइल व लैपटाप द्वारा अपने क्षेत्र के बूथों पर सीधे नजर रख सकेंगे।
पिछले चुनाव में आयोग ने संवेदनशील बूथों पर कैमरे लगा कर वहां होने वाली गतिविधियों की रिकार्डिंग कराई थी, अब इसे और विस्तार देने के लिए प्रत्येक बूथ पर सीसीटीवी कैमरे, डब्ल्यूएलएल टेलीफोन व मोबाइल को इन्टरनेट से जोड़ कर हरबूथ का सीधा प्रसारण शुरू किया जायेगा, जिससे प्रदेश की राजधानी व दिल्ली में बैठे आयोग के अधिकारी सीधा प्रसारण देख सकेंगे तथा क्षेत्रीय पर्यवेक्षक मोबाइल व लैपटाप द्वारा अपने क्षेत्र के बूथों पर सीधे नजर रख सकेंगे।





