जलवायु परिवर्तन आज बहुत बड़ी समस्या बनती जा रही है, जो हमारी जीवन पद्धति के कारण पैदा हुई है अतः इसका समाधान भी हमे ही खोजना होगा। बहुत से लोगों को लगता है कि वह इस मामले में कुछ भी नहीं कर सकते। लेकिन सच यह है कि हमारा धरती को बचाने के लिए छोटे से छोटा योगदान भी बहुत महत्वपूर्ण है। यहाँ पर 13 सरल उपाय दिये जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप इस संघर्ष में बहुत बड़ा योगदान कर सकते हैं। यदि आप सब उपायों का उपयोग न भी कर पायें, तो भी इनमें से दो-तीन उपायों का प्रयोग करने से भी बहुत मदद मिल सकती है। जलवायु परिवर्तन को रोकने में सहायक यह 12 सरल उपाय इस प्रकार हैं। 1. एक पेड़ लगायें - क्योंकि एक पेड़ अपने जीवन में एक टन कार्बनडाईआक्साइड सोख लेता है। 2. पानी का उपयोग सावधानी से करें - नलों, टोटियों को साबधानी से बन्द करें, टपकने या रिसने न दें। दांत साफ करते समय, दाढ़ी बनाते या मुंह-हाथ धोते समय मग का इस्तेमाल करें। खेत या बगीचे की सिंचाई के लिए यथा सम्भव स्प्रिंकलर का प्रयोग करें तथा अपनी बस्ती में वर्षा जल रीचार्जिंग शुरू करें। 3. प्लास्टिक के थैलों का उपयोग रोकें - खरीददारी के लिए घर से निकलते समय कपड़े या कागज का पुनर्चक्रित थैला साथ ले जायें। ढ़ेर सारी पैकेजिंग वाले उत्पाद खरीदने से बचें। किसी कारण से घर में आयी प्लास्टिक थैलियों को कूड़े में फेंकने की बजाय उन्हें एकत्रित कर पुर्नचक्रण हेतु कबाड़ी को दें। 4. अनावश्यक बाहनों का प्रयोग न करें - एक-दो कि॰मी॰ पैदले चलें, 4-5 कि॰मी॰ हो तो साईकिल से चलें, अधिक यात्रा हो तो सार्वजनिक वाहन से चलें। यदि बहुत आवश्यक हो तभी निजी कार से चलें। याद रखें कि पाँच कि॰मी॰ कम कार से चलने पर 1.5 कि॰ग्रा॰ कम कार्बनडाईआॅक्साइड़ वातावरण में पहुँचेगी। सी॰एन॰जी॰ या एल॰पी॰जी॰ जैसे कम प्रदूषण फैलाने वाले ईंधनों का प्रयोग करें। दो मिनट से अधिक रूकना हो तो बाहन बन्द कर दें। 5. अधिक पुनर्चक्रण और पुनः प्रयोग - भारतीय परंपरा का निर्वहन करें, प्रयोग करो फेंक दो संस्कृति से बचें। कागज, बोतलों, डिब्बों तथा कार्यालय एवं घरेलू बचे सामान का पुर्नचक्रण कर काफी कार्बनडाईआॅक्साइड के दुष्प्रभाव से बच सकते हैं। 6. अपने बल्ब बदल ड़ालें- इनकंक्डीसेंट बल्बों की जगह कम्पैक्ट फ्लाॅराॅस्ट लैंप (ब्थ्स्) लगाएंें। इनमें चैथाई बिजली की खपत होती है तथा लम्बे समय तक चलते हैं। सामान्यतः साधारण बल्ब 1000 घंटे चलते हें तो सी.एफ.एल. 8000 घंटे चलते हैं। 7. बिजली बचत वाले उपकरणों का उपयोग करें - आज बाजार में कम्प्यूटर, लैपटाप, प्रिन्टर, रेफ्रीजरेटर, एयरकंडीशनर आदि कम बिजली की खपत वाले आ गयें हैं खरीदते समय इसका ध्यान रख कर बहुत ऊर्जा एवं धन की बचत कर सकते हैं। 8. अनावश्यक उपकरण चालू न रखें - काम हो जाने पर कम्प्यूटर बंद करदें, वह 60 वाट के तीन बल्ब के बराबर बिजली की खपत करता है। 9. अपने एयरकंडीशनर के थर्मोस्टैट को दो डिग्री बढ़ा दें - इस आसान से उपाय से आप हर वर्ष लगभग 900कि.ग्रा. कार्बनडाईआॅक्साइड को बातावरण में पहुँचने से रोक लेंगे। थर्मोस्टैट को 25 डिग्री पर सेट करने से आपको कम कीमत पर अधिक आराम मिलता है। 10. बिजली उपकरणों को आफ करना न भूलें - जरूरत न होने पर बल्बों, पंखों, टी.वी., डी.वी.डी. स्टीरियो तथा अन्य बिजली से चलने बाले उपकरणों को बन्द कर दें। इससे आप हर वर्ष एक हजार कि.ग्रा. कार्बनडाईआॅक्साइड़ को वातावरण में जाने से रोक सकेंगे। 11. अपनी गाड़ी के टायरों की जाँच करें - टायरों में कम हवा से अधिक ऊर्जा की खपत होती है। रेडियल टायरों के इस्तेमाल से 3 से 7 प्रतिशत ईंधन की बचत होती है। एक लीटर पेट्रोल बचत का मतलब है 2.5कि.ग्रा. कार्बनडाईआॅक्साइड़ वातावरण में जाने से रूकेगी। 12. अक्षय ऊर्जा का इस्तेमाल करें - सूर्य की ऊर्जा वाले उपकरणों का प्रयोग करें। 100 लीटर क्षमता वाला सौरऊर्जा वाटर हीटर प्रति वर्ष करीब 1500 यूनिट बिजली की बचत करता है। बायोगैस चालित उपकरण भी महत्वपूर्ण हैं। 13. पर्यावरण के अनुकूल अपने घर को बनायें - अर्थात घर का शिल्प ऐसा हो जिसमें अधिकाधिक वायु, प्रकाश की उपलब्धता हो और जो गर्मी में ठंढ़ा, सर्दी में गर्म रहे। पर्याप्त वृक्षावली तथा जल व कचरा प्रबन्धन की उचित व्यवस्था हो।





