Saturday, March 8, 2014

अपने आप को पहचानो ! - संकलित

सामान्यतः प्रत्येक मनुष्य मानता है, कि उसके अन्दर उठने वाले विचारों का स्रोत वह ही है और इसी कारण वह उन विचारों से प्रभावित भी होता है। वास्तव में यह अपने आप को सही ढ़ंग से न पहचानने के कारण है। अतः प्रत्येक मनुष्य को उन विचारों के प्रभावों से मुक्त होने के लिए, अपने आप को पहचान लेना जरूरी है, जो बहुत सरल विधि से सम्भव है।
किसी भी आरामदायक स्थिति में कुछ छड़ों के लिए एकान्त में शान्त होकर बैठिये। बैठने के बाद आंखें बन्द करके 5-7 मिनट तक अपने अन्दर चल रहे विचारों को शान्त, दृष्टा भाव से, राग-द्वैष रहित हो कर देखिये। जिसके दो परिणाम होंगे- 1. आप (आत्मा) अलग हैं और विचार अलग हैं। उन विचारों से तुम्हारा कोई सम्बन्ध नहीं है। इसलिए उन विचारों का अच्छा या बुरा कोई भी प्रभाव तुम्हारे ऊ़पर नहीं होगा। 2. आप देखेंगे कि, उठने वाले विचारों में एक छोटा सा अन्तराल है और दो विचारों के बीच अन्तराल में आप विचार शून्यता में होते हैं, उस क्षण में अभ्यास के बाद आपको अपनी आत्मा की झलक दिखाई देने लगेगी और वह क्षण आपके लिए बहुत आनन्दकारी होगा।