Monday, March 3, 2014

प्रेरणा दीप रूप किशोर माहेश्वरी को शत्-शत् नमन - प्रेम बड़ाकोटी

लोक भारती उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य, उत्तराखण्ड़ के मन्त्री तथा लोकसम्मान मासिक पत्रिका के प्रथम संपादक श्री रूपकिशोर माहेश्वरी कार्तिक पूर्णिमा, 2013 को अपने सम्पूर्ण परिवार के बीच से परमगति को प्राप्त हो गये। लोक भारती एवं लोक सम्मान परिवार का आपको शत्शत् नमन...........।
अहर्निश सेवामहे की साक्षात् प्रतिमूर्ति, सिद्धान्तों पर दृढ़, नियमों से बंधे हुए, सदा-सर्वदा सरल, मधुर, अपनत्व से ओतप्रोत, हजारों-हजारों कार्यकर्ताओं के हृदय में वसा आपका व्यक्तित्व उन्हें सदैव पे्रणा देता रहेगा।
आदर्शवादी शिक्षक होने के कारण छात्रों के लिए गुरूजी, सभी परिचितों के अभिन्न मित्र, निकटस्थ लोगों के अभिभावक और जरूरतमन्दों के वह सदैव सहायक बने रहे। यह सब गुण उन्हें बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक के रूप में मिले, जिन्हें उन्होने अपने जीवन में भरपूर जिया और अनेकों के जीवन में उसका बीज रूप में प्रस्फुटन किया।
वह गृहस्थ होते हुए भी सदैव समर्पित समाजसेवी कार्यकर्ता की भूमिका में रहे, जिसमें उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गायत्रीदेवी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। शिक्षक जीवन में भगवानपुर तथा धामपुर में रहकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में संलग्न रहे। अवकाश प्राप्ति के बाद लखनऊ में रहकर कमल ज्योति के सम्पादन कार्य से जुड़े और सन 2000 से 2006 तक पूरा समय लगाकर लोक भारती के विस्तार तथा उसकी मासिक पत्रिका लोक सम्मान के सम्पादन कार्य को संभाला। उसके बाद पारिवारिक दायित्व के कारण रूड़की में रह कर, उत्तराखण्ड में लोकभारती के मन्त्री का दायित्व निर्वहन करते हुए अहर्निश सामाजिक सेवा में संलग्न रहे। उस पे्रणा दीप को शत्शत् नमन।