यदि तुम सचमुच किसी मनुष्य के चरित्र की जाँच करना चाहते हो, तो उसके बड़े कार्यों के आधार पर उसका मूल्यांकन मत करो। उसके अत्यन्त साधारण कार्यों की जाँच करो, असल में वे ही बाते हैं, जो तुम्हें एक महान पुरूष के वास्तविक चरित्र का ज्ञान कराती हैं। क्योंकि वास्तव में तो बड़ा वही है, जिसका चरित्र सदैव और सब अवस्थाओं में महान रहता है। इसीलिए कहते है - ‘चरित्र जीवन का दर्पण है।’ - स्वामी विवेकानन्द





