पर्यावरण संरक्षण हेतु उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेश संबन्धी कुछ अंश बिगड़ते पर्यावरण और भूजल संरक्षण हेतु उठाये गये प्रावधान इस प्रकार हैं। वृक्षारोपण संबन्धी प्रावधान- अ. आवासीय भूखण्डों में पौधों संबन्धी प्रावधान- 200वर्ग.मी.क्षेत्र में - कम से कम एक पेड़ 200-300वर्ग.मी. क्षेत्र में - कम से कम दो पेड़ 300-500 वर्ग मी॰ में - कम से कम चार पेड़ समूह आवासीय क्षेत्र में - 50 पेड़/हेक्टेयर कमजोर/मलिन बस्ती में - प्रति 50 परिवार-100पेड़ ब. औद्योगिक क्षेत्र - प्रति 80 वर्ग मी॰ भूखण्ड - एक पेड़ की दर से अनुमन्य खुलेक्षेत्र के 20प्र.में - प्रति हेक्टैयर-125पेड़ औद्यो.क्षे,सघन ग्रीन बेल्ट - कुल क्षेत्रफल का 15प्रति. स. व्यावसायिक क्षेत्र - प्रति 100वर्गमी.क्षेत्रफल में - कम से कम एक पेड़ कुल अनुमन्य खुले क्षेत्र का - 20 प्रतिशत भाग में पेड प्रति हेक्टेयर - न्युनतम 50पेड़ की दर सामुदायिक/संस्थागत क्षेत्र - खुले क्षेत्र के 20 प्रति.में प्रति हेक्टेयर - 125 पेड़ लगाये जायें द. पार्कों में प्रति हेक्टेयर - 125 पेड़ लगें रेनवाटर हार्वेस्टिंग- प्रदेश शासन द्वारा नगरों में 300 वर्ग मी॰ और उससे अधिक क्षेत्रफल वाले नवनिर्मित भवनों में रूफ-टाप रेनवाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्देंश। 20 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल की योजनाओं के पार्क में खुले क्षेत्र की कुल योजना की 5 प्रतिशत भू-भाग पर रिचार्ज के लिए नये जलाशयों का निर्माण किया जाये। इसका न्यूनतम क्षेत्रफल - एक एकड़ एवं गहराई तीन मीटर होना चाहिए। 20 एकड़ से कम खुले क्षेत्रफल के कोनों में रीचार्ज पिट बनाये जायें। रखरखाव का कार्य सम्बंधित विभाग, संस्था और लाभार्थी द्वारा किया जाये। ु





