ऽ शासन ने वर्ष 2003 में शहरी क्षेत्रों में भूजल संसाधनों के संरक्षण एवं सम्वर्धन की दृष्टि से 300 वर्ग मी॰ और उससे अधिक क्षेत्रफल के नवनिर्मित होने वाले सभी प्रकार के भवनों में छत के पानी संग्रह (रूफ टाप रेन वाटर हार्वेस्टिंग) को अनिवार्य किया था। 300 वर्ग मी॰ और उससे अधिक क्षेत्रफल के नक्शे तभी पास हो सकते, जब उनमें छत के पानी संग्रह का प्राविधान हो। ऽ 20 एकड़ से अधिक की योजनाओं के ले-आट प्लान में पार्क एवं खुले क्षेत्र के अन्र्तगत कुल योजना के क्षेत्र के लगभग 5 प्रतिशत भूमि पर भूजल रिचार्जिंग हेतु जलाशय का निर्माण जरूरी। इसका न्यूनतम क्षेत्रफल एक एकड़ होगा। 20 एकड़ से कम की योजनाओं पर भी जलाशय बनाना जरूरी। पार्क एवं खुले क्षेत्र के अन्तर्गत निर्धारित मानकों के अनुसार एक कोने में रिचार्ज पिट बनाये जाने का प्रावधान। ऽ सभी सरकारी और अर्धसरकारी भवनों में रूफ टाप रेनवाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था अनिवार्य। इसे सुनिश्चित करने का दायित्व सम्बन्धित शासकीय, अर्धशासकीय विभाग, प्राधिकरण, अभिकरण, निगम का होगा। ऽ रेनवाटर हार्वेस्टिंग कार्यक्रम की प्रगति का सत्यापन शासन स्तर पर गठित टीम द्वारा समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण का प्राविधान। अनियमितता पाये जाने पर सम्बन्धित भवन, निजी विकासकर्ता, सम्बन्धित विकास समितियों, शासकीय अभिकरणों के विरूद्ध कार्यवाही की व्यवस्था। दण्ड के प्राविधान- ऽ कोई भी अभियोग बिना प्राधिकरण की लिखित सहमति के शुरू नहीं किया जायेगा। ऽ पहली बार अपराध पर अधिकतम 5000रू॰ का दण्ड। ऽ दूसरी और उसके बाद अपराध पर छः माह कारावास या दस हजार रू॰ दण्ड या फिर दोनो ही लागू होगा। ऽ किसी व्यक्ति द्वारा भूगर्भ जल को प्रदूषित करने पर एक माह से एक साल तक कारावास की सजा अथवा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित आर्थिक दण्ड का प्रावधान। ु





