देश को डिजिटल शक्ति से संपन्न और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में डिजिटल इण्डिया उम्मीद जगाता है। कई लोगों के लिए डिजिटल इण्डिया का मतलब टेक्नालोजी का कोई आकर्षक मंच है। समाज के ऊपर के तबके के लिए इसका अर्थ फेसबुक या ट्युटर हो सकता है। पूरा देश स्मार्ट फोन में लगा बैठा है, कुछ ऐसी छवि उनके दिमाग में आती है। किन्तु डिजिटल इण्डिया का संबन्ध शासन के मूल आधार को बदलकर रख देने से है। इसका नागरिक व सरकार और सरकार से सरकार के रिश्तों व कामकाजी व्यवहार में सीधा सकारात्मक असर होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि इससे इनोवेशन आधारित अर्थव्यवस्था विकसित होगी। उद्योग जगत का तो मानना है कि अगले स्तर के इनोवेशन और आविष्कार भारत में ही होंगे।
डिजिटल इण्डिया की पहली प्राथमिकता टैक्नालोजी का उपयोग कर बिचैलियो, दलालों व राजनीतिक मध्यस्थों के बिना लोगों का सरकार तक पहुँचाना।
डिजिटल इण्डिया की दूसरी प्राथमिकता है सरकार को आनलाइन बनाना, जिससे सरकारी सभी कार्यों में परदर्शिता आ सके, समस्त राजनैतिक भ्रष्टाचार को समाप्त किया जा सके।
डिजिटल इण्डिया की तीसरी प्राथमिकता होनी चाहिए प्रत्येक नागिक तक सूचना तकनीकी (इण्टरनेट) की पहुँच तथा नेट आधारित 1.20 अरब उपभेक्ताओं की सुरक्षा व्यवस्था।
डिजिटल इण्डिया की चैथी प्राथमिकता होनी चाहिए दैनिक जीवनोपयोगी नेट आधारित तकनीकी इनोवेशन। इसके लिए उपयुक्त माहौल भी बनाना इसी कार्य की एक कड़ी होगी।
अब इसे ड्र्राइंगवोर्ड से हटकर जनजीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता है ।
- राज्य सभा सांसद व टैक्नालोजी आन्त्रप्रेन्योर।





