भारत युवाओं का देश है। संभावनाओं का देश है। क्योंकि यहाँ की जन संख्या में 54 प्रतिशत लोग 25 वर्ष तथा 65 प्रतिशत लोग 35 वर्ष आयु के हैं। आने वाले समय में युवाओं का प्रतिशत और अधिक होगा जो हमें युवा राष्ट्र होने का बोध कराता है। हमारे देश की प्रत्येक गतिविधियों में युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। यहाँ की राजनीति भी युवाओं के इर्दगिर्द ही घूमती है। भारतीय राजनीति में युवाओं के बगैर किसी प्रकार की गतिविधियाँ संभव ही नहीं होंगी, चाहे धरना प्रदर्शन, हडताल, रैली, चुनाव प्रचार सब में युवाओं की ही महत्वपूर्ण भूमिका होती है। चाहे यह किसी राष्ट्रीय पार्टी का हो या प्रादेशिक पार्टी सब युवाओं के बल पर ही चलती हैं। अनेकानेक सामाजिक आन्दोलनों में भी युवा अग्रणी भूमिका अदा करते हैं। प्रत्येक राजनैतिक दल महाविद्यालय, विश्वविद्यालयों में बड़े अच्छे ढ़ंग से छात्र संगठनों तथा मोर्चाओं का संचालन करते हैं जिसके माध्यम से अनेक योग्य नेतृत्व का भारतीय राजनीति में जन्म हुआ है।
प्रायः अब तक यह देखा गया है कि भारत में युवाओं के सहयोग से तथा उनके खून-पसीने से सींची हुई लहलहाती राजनीतिक फसल को राजनीतिक पार्टियाँ काटती रही हैं लेकिन सत्ता पाकर उन युवाओं को भुला देती हैं। युवकों की समस्याओं को जानना पहचानना तथा उसके निवारण हेतु कार्य योजना बनाना जिससे उनका चहुमुखी विकास हो सके ऐसा अभी तक नहीं के बराबर होता आया है।
युवकों को वर्तमान केन्द्रीय सरकार जिसमें माननीय प्रधान मन्त्री नरेन्द्र मोदी जी से अधिक अपेक्षा है, क्योंकि उनकी विजय में युवाओं का सवार्धिक योगदान रहा है। हमारे युवकों को सर्व प्रथम रोजगार मिले, उचित शिक्षा हेतु साधन मिलें, शिक्षण संसाधनों तथा शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार हो। छात्रावास, शिक्षा ऋण बिना ब्याज/कम ब्यज दर पर उपलब्ध हो, जिसके लिए वर्तमान सरकार प्रयासरत भी है। जैसे कौशल विकास योजना, मानव संसाधन का विकास, मेक इन इण्डिया, डिजिटल इण्डिया, असंगठित क्षेत्र के कामगारों को प्रशिक्षण। हमारे देश में काम करने लायक प्रशिक्षित आबादी 5 प्रतिशत ही है। ऐसे लोगों को प्रशिक्षित कर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य है। क्योंकि भारतीय युवाओं का विदेश में उनके ज्ञान बुद्धि का खूब सम्मान हो रहा है। पश्चिमी देशों में भारतीय युवाओं को अनेकों महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हो रहा है तथा वे उनकी अपेक्षा पर खरे भी उतर रहे हैं।
अतः भारत को विकास के पथ पर अग्रसर होने के लिए युवाओं का विकास अत्यन्त महत्वपूर्ण है। किसी भी देश के विकास में वहाँ की राजनीति का भी बहुत महत्वपूर्ण स्थान रहता है। इसीलिए इस वर्ष शिक्षक दिवस के अवसर पर एक प्रश्न के उत्तर में प्रधान-मन्त्री ने बड़ी बेेबाकी से कहा कि अच्छी राजनीति के लिए सभी क्षेत्र के योग्य युवाओं को राजनीति में अवश्य आना चाहिए। उन्होने स्वतन्त्रता आन्दोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय देश के योग्यतम युवा राजनीति में सक्रिय थे इसीलिए वह समाज को पे्ररणा दे सके। आज राजनीति में पे्ररणा देने में सक्षम युवाओं की आवश्यकता है, जिससे समाज व राजनीति में व्याप्त निराशा का भाव समाप्त होकर सकारत्मक वातावरण बन सके। भारत को ऐसे युवा वर्ग की प्रतीक्षा है।





