दोपहर, विद्यालय के विश्राम का समय। एक दुबला-पतला सुंदर-सा युवक विद्यालय के बाहर निकलकर खाना खाने के लिए अपने घर जा रहा था। रास्ते में उसने देखा, दो लड़के आपस में झगड़ रहे हैं। उनमें एक बलवान था और दूसरा कमजोर। बलवान लड़का कमजोर लड़के को पीट रहा था। उसके हाथ में लकड़ी थी।
रास्ते चलने वाले लड़के को जोश आ गया। वह तुरंत बलवान लड़के के पास चला गया। उसके भारी शरीर को देख लड़के का साहस उसे टोकने का न हुआ। कुछ क्षण सोचकर उसने बलवान लड़के से पूछा, ‘‘क्यों भाई, तुम इसको कितने बेंत लगाना चाहते हो?’’
किसी अपरिचित लड़के को बीच में पड़ते देख बलवान लड़के का क्रोध तेज हो गया। उसने कठोर दृष्टि से देखते हुए कहा, ‘‘क्यों, तुम्हें क्या मतलब?’’
‘‘मुझे इससे मतलब है’’ राह चलते लड़के ने कहा।
‘‘तुम क्या कर लोगे?’’ बलवान लड़के ने चेतावनी दी।
‘‘भाई, मैं तुमसे अधिक बलवान तो नहीं हूँ, जो इस कमजोर को बचाने के लिए तुमसे लड़ सकूँ। लेकिन इतना जरूर चाहता हूँ कि इसकी पिटाई में मैं भी भागीदार बन जाऊँ।’’ दर्शक लड़के ने कहा।
‘‘तुम्हारा मतलब क्या है?’’ पीटने वाला लड़का इस पहेली का अर्थ न समझ सका।
‘‘तुम इस कमजोर लड़के के शरीर पर कुल जितने भी बेंत मारना चाहते हो, उसके आधे मेरे पीठ पर लगा दो। इस तरह इसका आधा कष्ट मैं बाँट लूँगा।’’ दर्शक लड़के ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा।
बलवान लड़का आश्चर्य से देखता रहा और कुछ क्षण बाद उसने चुपचाप अपने हाथ की लड़की तोड़कर फेंक दी और मन में पश्चाताप करता अपने रास्ते चला गया। पिटने वाले लड़के की मुसीबत टल गई। वह बीच का लड़का जीवन भर इसी तरह सूझ-बूझ से कार्य करता रहा तथा बड़ा होकर अँगरेजी का प्रसिद्ध कवि लार्ड बायरन के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
रास्ते चलने वाले लड़के को जोश आ गया। वह तुरंत बलवान लड़के के पास चला गया। उसके भारी शरीर को देख लड़के का साहस उसे टोकने का न हुआ। कुछ क्षण सोचकर उसने बलवान लड़के से पूछा, ‘‘क्यों भाई, तुम इसको कितने बेंत लगाना चाहते हो?’’
किसी अपरिचित लड़के को बीच में पड़ते देख बलवान लड़के का क्रोध तेज हो गया। उसने कठोर दृष्टि से देखते हुए कहा, ‘‘क्यों, तुम्हें क्या मतलब?’’
‘‘मुझे इससे मतलब है’’ राह चलते लड़के ने कहा।
‘‘तुम क्या कर लोगे?’’ बलवान लड़के ने चेतावनी दी।
‘‘भाई, मैं तुमसे अधिक बलवान तो नहीं हूँ, जो इस कमजोर को बचाने के लिए तुमसे लड़ सकूँ। लेकिन इतना जरूर चाहता हूँ कि इसकी पिटाई में मैं भी भागीदार बन जाऊँ।’’ दर्शक लड़के ने कहा।
‘‘तुम्हारा मतलब क्या है?’’ पीटने वाला लड़का इस पहेली का अर्थ न समझ सका।
‘‘तुम इस कमजोर लड़के के शरीर पर कुल जितने भी बेंत मारना चाहते हो, उसके आधे मेरे पीठ पर लगा दो। इस तरह इसका आधा कष्ट मैं बाँट लूँगा।’’ दर्शक लड़के ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा।
बलवान लड़का आश्चर्य से देखता रहा और कुछ क्षण बाद उसने चुपचाप अपने हाथ की लड़की तोड़कर फेंक दी और मन में पश्चाताप करता अपने रास्ते चला गया। पिटने वाले लड़के की मुसीबत टल गई। वह बीच का लड़का जीवन भर इसी तरह सूझ-बूझ से कार्य करता रहा तथा बड़ा होकर अँगरेजी का प्रसिद्ध कवि लार्ड बायरन के नाम से प्रसिद्ध हुआ।





