Tuesday, December 29, 2015

हमारी दृष्टि -

किसी भी राष्ट्र की उन्नति में युवाओं का विशेष योगदान होता है और यदि युवाओं की सोच वैज्ञानिक हो, कार्य पद्धति वैज्ञानिक हो, जीवन शैली वैज्ञानिक हो तो सोने पे सुहागा। युवा शक्ति अर्थात साहसी, हिम्मती, ऊर्जावान, सामथ्र्यवान नागरिक जिसमें पहाड़ों से भी टकना जाने का जज्वा है, तारों को भी जमीन पर तोड कऱ लाने की हिम्मत है, बंजर भूमि को भी उपजाऊ बनाने की क्षमता है। 
आज आवश्यकता है इस युवा शक्ति को सही दिशा की ओर अग्रसर करने व राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका सुनिश्चित करने की।  इस हेतु उन्हें देश में वे तमामा सुविधायें, शिक्षा उपलब्ध कराई जाये जो उहें विदेशों की ओर आकर्षित करती है। 
युवाओं को भी अपने राष्ट्र की प्रगति, उन्नति, विकास के लिए कुछ त्याग करने की आवश्यकता है। उन्हें अपने देश की खातिर सीमित धन में जीना सीखना होगा, उपलब्ध संसाधन, सुविधाओं में अपना सर्वोच्च देना होगा, विदेशों की भोग-विलास युक्त जीवन-शैली से किनारा करना होगा। यदि ऐसा होता है तो निश्चित ही हमारा देश बहुत जल्दी ही विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में अग्रणी होगा।
युवाओं को अपने जीवन से निराशाओं को दूर रखना होगा, नशे से मुक्त रखना होगा। अनुशासन एवं संयम को अपनाना होगा तथा तन और मन दोनों को स्वस्थ रखना होगा।  ऐसे समर्पित व प्रतिभा संपन्न युवाओं के लिए कोई भी कार्य कठिन व असंभव नहीं है।
समय बहुत बलवान है, एक वार हाथ से निकल जाने के बाद दोबारा नहीं आता। अतः युवाओं को समय के महत्व को समझना होगा, उसका सदुपयोग करना होगा, अर्थात परिवार के साथ सामाज और राष्ट्र हित के लिए समय देने की आदत ड़ालना सीखना होगा, तभी हम अच्छे नागरिक बन सकेंगे तथा अपना जीवन सार्थक कर पायेंगे।