तीस लाख पेड़ों के बराबर कार्बनडाई आॅक्साइड रोकने की क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयन्त्र का उपयोग भारत में प्रारम्भ हो गया है, जो भारतीय मेधा की रचनात्मकता का साकार प्रमाण है -
भारत के केरल प्रदेश में स्थित कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलने वाला दुनिया का पहला एयरपोर्ट बन गया है। दक्षिणी अमेरिका के इक्वाडोर में स्थित गैलापागोस एअरपोर्ट की बिजली जरूरतों को हवा व सूर्य से प्राप्त ऊर्जा से पूरा किया जाता था, लेकिन कोच्चि इंटरनेशनल एअरपोर्ट पूर्ण रूप से सौर ऊर्जा पर आधारित विश्व का पहला एअरपोर्ट है।
एक नजर बिजली के लिये पूर्णतः सौर ऊर्जा पर निर्भर विश्व के एकलौते कोच्चि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की रचना पर - एअरपोर्ट की जरूरतों को पूरा करने के लिये 12 मेगावाट पीक वाले सोलर पॉवर प्लांट का निर्माण किया गया है। इस प्लांट में कुल 46,150 सोलर पैनल हैं जिन्हें 45 एकड़ के कार्गो क्षेत्र में बिछाया गया है। इससे हर दिन 50,000 से 60,000 युनिट सोलर पावर का उत्पादन होगा। आमतौर पर किसी एअरपोर्ट को प्रतिदिन बिजली खपत के लिये 52,000 युनिट की दरकार होती है।
आगामी 25 वर्षों के दौरान इस प्लांट के माध्यम से करीब तीन लाख मीट्रिक टन कार्बन डाई ऑक्साइड गैस का उत्सर्जन रोकने में मदद मिलेगी।
यदि सीधे शब्दों में समझा जाये तो 3 लाख मैट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को रोकना 30 लाख पेड़ लगाने के बराबर है।





