"एक दिन वृद्धाश्रम से सूचना आई, तुम्हारी माँ बहुत बीमार हैं, आकर एक बार देख जाओ। बेटा सूचना मिलते ही, माँ को देखने वृद्धाआश्रम पहुँच गया। माँ ने बड़े प्यार से कापते हाथों अपने बेटे का हाथ पकड़ कर अपने पोते का हाल-चाल पूछा और फिर धीरे से कहा, ‘‘बेटा यहाँ एक पंखा लगवा दो, बहुत गरमी रहती है।’’ बेटे ने कहा ‘‘माँ! अब आप तो दो-चार दिन की मेहमान हैं, इतने दिन बिना पंखे के कट गये तो यह दिन भी कट जायेंगे।’’ माँ ने कहा, ‘‘बेटा! मुझे अपनी नहीं, तुम्हारी चिन्ता है, क्योंकि पोता अब बड़ा हो रहा है।’’





