Saturday, September 6, 2014

धरती माता से निवेदन - .रमेश शमा

हे सत् करने वाली धरती माता
भरपूर अन्न उत्पन्न करना।
ससुराल गई बहन-बुआ के भाग्य का देना।
पक्षियों को भी प्रेम से देना।
राहगीर भाई-बंधुओं के लिए देना।
घर आया साधु भूखा न रहे,
आवारा पशु भी पूरा खा सके।
चोर-चकोर भी अपने लिए ले जा सके।
ना हो खेती जिसके पास,
उसके लिए भी देना।
राजा का खजाना भी भर देना।
हे सबकी माता! सुनो,
छत्तीस कौमों की जरूरत पूरी करो।
उसके बाद तुम्हारे भंडार में कुछ बचे
तो मेरे बच्चों के लिए भी देना।
हे धरती माता! तुम ही सबको सत् देने वाली हो।