पर्यावरणीय परिसर संरचना निर्माण -
(1) हरियाली - जहांँ हरियाली हो, हरियाली मे फलदार व औषधीय गुणवŸाा के पौधे हों, उसकी गुणवत्ता व उपयोग की जानकारी उपलब्ध हो, हरियाली में सौन्दर्य हो, सौन्दर्य में पुष्प हों, पुष्पों में सुगन्ध हो।
(2) जल - वर्षा जल संरक्षण एवं रिचार्जिंग की व्यवस्था हो, उपयोग किए हुए पानी का परिसर में ही सदुपयोग हो।
(3) स्वच्छता - परिसर स्चच्छ रहे, समुचित व नियमित व्यवस्था हो। कूड़ा-कचरा निस्तारण एवं उसके सदुपयोग के परिसर में ही उपाय हों।
(4) जैव विविधता - जैव विविधता के समन्वय, संरक्षण के साथ उनमें मानव के प्रति मित्रता का वातावरण हो।
(5) ऊर्जा - पर्यावरर्णीय (सौर व बायो गैस आदि) ऊर्जा का अधिकाधिक उपयोग हो। ऐसी संरचना हो, जिससे न्यूनतम ऊर्जा की आवश्यकता हो।
(6) संस्कृति - परिसर में आनन्द, स्वालम्बन तथा ज्ञान, विज्ञान एवं संस्कार की त्रिवेणी बहे।
(7) पे्ररणा - परिसर स्वयं पे्ररणा के साथ पे्ररक दिशा, दृष्टि एवं संसाधन का स्रोत बने।
(1) हरियाली - जहांँ हरियाली हो, हरियाली मे फलदार व औषधीय गुणवŸाा के पौधे हों, उसकी गुणवत्ता व उपयोग की जानकारी उपलब्ध हो, हरियाली में सौन्दर्य हो, सौन्दर्य में पुष्प हों, पुष्पों में सुगन्ध हो।
(2) जल - वर्षा जल संरक्षण एवं रिचार्जिंग की व्यवस्था हो, उपयोग किए हुए पानी का परिसर में ही सदुपयोग हो।
(3) स्वच्छता - परिसर स्चच्छ रहे, समुचित व नियमित व्यवस्था हो। कूड़ा-कचरा निस्तारण एवं उसके सदुपयोग के परिसर में ही उपाय हों।
(4) जैव विविधता - जैव विविधता के समन्वय, संरक्षण के साथ उनमें मानव के प्रति मित्रता का वातावरण हो।
(5) ऊर्जा - पर्यावरर्णीय (सौर व बायो गैस आदि) ऊर्जा का अधिकाधिक उपयोग हो। ऐसी संरचना हो, जिससे न्यूनतम ऊर्जा की आवश्यकता हो।
(6) संस्कृति - परिसर में आनन्द, स्वालम्बन तथा ज्ञान, विज्ञान एवं संस्कार की त्रिवेणी बहे।
(7) पे्ररणा - परिसर स्वयं पे्ररणा के साथ पे्ररक दिशा, दृष्टि एवं संसाधन का स्रोत बने।





