सूरज-चन्दा औ तारों का देश है।
दशों दिशाओं के द्वारों का देश है।
सादाजीवन-सुविचारों का देश है।
मेरा भारत त्योहारों का देश है।।1।।
यहांँ रामनवमी का पर्व मनाते हैं।
गीत जानकी-मंगल सब गाते हैं।
औ मंगलघट घर-घर में धरवाते हैं।
गाँव-गाँव में धनुष यज्ञ करवाते हैं।
यह अनन्त के अवतारों का देश है।
मेरा भारत त्योहारों का देश है।।2।।
रामराज्य हर वर्ष यहांँ चल आता है।
विजयादशमी पर्व विजय-फल लाता है।
भले, साल भर पापों से बल पाता है।
मगर, दशहरा में रावण जल जाता है।
यह फूलों-अंगारों का देश है।
मेरा भारत त्योहारों का देश है।।3।।
मंगल करवा चैथ पतिव्रत धर्म है।
दीपावली हमारी संस्कृति का मर्म है।
गोधन पूजा, कृषि संवर्धन का कर्म है।
है आत्म-ज्ञान का मन्त्र न केवल चर्म है।
अंधकार में भी जिसका प्रकाश परिवेश है।
मेरा भारत त्योहारों का देश है।।4।।
भैयादूज पर्व भाई का वन्दन है।
चमका देता जो माथे का चन्दन है।
अटल प्रतिज्ञा, तीन ताग का बन्धन है।
रक्षाबन्धन बहनों का अभिनन्दन है।
प्यार पुलकते परिवारों का देश है।
मेरा भारत त्योहारों का देश है।।5।।





