भारत को विश्व में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए ई-गवर्नेंस से आगे एम-गवर्नेंस अर्थात मोबाइल गवर्नेंस पर जाना होगा। इस विचार को साकार करने के लिए भारत सरकार द्वारा 1 जुलाई, 2015 को डिजिटल इण्डिया सप्ताह की शुरूआत की गई, जिसकी मुख्य बातें इस प्रकार हैं -
1. गरीब तक इन्टरनेट - अमीर-गरीब, शहर-गाँव की खाई को पाटते हुए गरीब से गरीब व्यक्ति तक यह सुविधा पहुँचाने की योजना। जब कि 20-30 करोड़ लोग भारत में इन्टरनेट इस्तेमाल करते हैं। इससे गाँव-गाँव तक बिजली अनिवार्य रूप से पहुँचेगी।
2. ग्राम पंचायतों तक इन्टरनेट - देश की 25 लाख ग्राम पंचायतों को इन्टरनेट से जोड़ने की योजना है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक वाईफाई कनेक्शन लगाया जायेगा, जो प्रतिदिन एक घंटे के लिए फ्री रहेगी। इसके उपयोग के लिए प्रत्येक पंचायत में एक कामन सर्विस सेन्टर स्थापित किया जायेगा। अभी तक इस सुविधा से केवल 20 हजार ग्राम पंचायतें ही जुड़ी है।
3. सुविधाओं की निशुल्क उपलब्धता - स्कूलों, स्वास्थ्य केन्द्रों व कौशल विकास केन्द्रों को निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी।
4. रोजगार सृजन - इस योजना के क्रियान्वयन से लगभग 18 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा, जिससे देश के समग्र विकास में गति आयेगी।
5. मेक इन इण्डिया को गति - इस योजना के क्रियान्वयन के लिए फाइवर केबल तथा अनेक उपकरणों की आवश्यकता होगी, जिनका अभी तक आयात होता है, उसमें से अधिकांश का निर्माण अब भारत में ही सम्भव हो सकेगा।
6. स्मार्ट गाँव की दिशा में एक कदम - इस योजना से गाँव के विकास में आधारभूत परिवर्तन आयेगा। वर्तमान में स्मार्ट सिटी की जहांँ योजना हो रही है, वहीं स्मार्ट गाँव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। गाँव के पलायन में भी कमी आयेगी।
6. सामाजिक चिन्तन में क्रान्ति - जब समाज का प्रत्येक तबका सम्पूर्ण विश्व से जुड़ जायेगा, उसके सोचने व निर्णय लेने की गति तेज, व्यापक व संतुलित हो जायेगी। सामाजिक दूरियांँ मिटेंगी, सशक्त व समर्थ समाज के निर्माण को गति मिलेगी।
7. विकास की प्रतिस्पर्धा - इस योजना से राज्यों के मध्य विकास की प्रतिस्पर्धा का निर्माण होगा, जिससे आधाभूत ढ़ाँचे का स्थापन और रोजगार सृजन में गति आयेगी। समाज व राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं में सकारात्मक सोच बढ़ेगी।
8. मोबाइल ही व्यक्ति की पहचान - इस अभियान से प्रत्येक व्यक्ति का मोबाइल उसके आधार कार्ड से जुड़ जायेगा अतः उसका मोबाइल ही उसकी पहचान का माध्यम बन जायेगा। उसका पूरे देश में एक ही मोबाइल नम्बर रहेगा, जो स्थान या ऐजेन्सी बदलने से नहीं बदलेगा।
इस योजना के अन्तर्गत निम्न सुविधायें उपलब्ध कराने की योजना है।
1. ई-हेल्थ - बड़े अस्पतालों में मरीज लाइन में न लगकर आनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
2. ई-लाॅकर - जरूरी दस्तावेज रखने व उन्हें आनलाइन भेजने की सुविधा होगी, जिससे अब उन्हें साथ लेकर चलने के झंझट से मुक्ति मिलेगी।
3. ई - बस्ता - छात्रों को अब किताबों का बोझ साथ लेकर नहीं चलना पड़ेगा, वह अब अपने पाठ्क्रम की पुस्तकें आनलाइन कहीं से भी डाउनलोड करके पढ़ सकेगा।
4. ब्राडबैण्ड सुविधा - इस व्यवस्था की उपलब्धता से सभी कार्यों की गति बढ़ जायेगी।
5. पारदर्शिता निर्धारण एवं भ्रष्टाचार मुक्ति की दिशा में एक कदम - सरकारी समस्त योजनायें व उनका क्रियान्वयन आॅनलाइन हो जाने से कार्य में पारदर्शिता आयेगी और उससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
प्र्रधानमन्त्री के महत्वपूर्ण पांँच सूत्र -
1. अगर हम नहीं समझेंगे तो किसी कोने में पड़े रह जायेंग, दुनियांँ कहीं दूर निकल जायेगी।
2. अब दुनियांँ वहांँ बसेगी, जहाँ से आप्टिकल फाइबर गुजरता है।
3. अब विरासत के साथ आधुनिक विज्ञान और तकनीक को आत्मसात करना होगा।
4. अगर देश का एक तबका डिजटिल क्रान्ति से वंचित रह जाता है तो वह खाई गरीब-अमीर की खाई से भी बहुत ज्यादा चैड़ी होगी।
5. भारत साइबर सिक्योरिटी का कवच दुनियाँ को देने में अहं भूमिका निभायेगा।





